जनवरी 20, 2026 5:10 अपराह्न

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आवारा कुत्तों के मामले में सर्वोच्‍च न्‍यायालय ने मेनका गांधी के बयान पर जताई नाराजगी

सर्वोच्‍च न्‍यायालय ने लावारिस कुत्‍तों के मामले में न्‍यायालय के आदेश की आलोचना करने के लिए पूर्व केन्‍द्रीय मंत्री मेनका गांधी के बयान पर अप्रसन्‍नता व्‍यक्‍त की है। शीर्ष न्‍यायालय ने कहा है कि यह अदालत के आदेश की अवहेलना है। न्‍यायमूर्ति विक्रम नाथ, न्‍यायमूर्ति संदीप मेहता और न्‍यायमूर्ति एन वी अंजारिया की पीठ ने कहा कि श्रीमती मेनका गांधी ने सभी के विरूद्ध बिना सोचे समझे टिप्‍पणी की है लेकिन फिर भी न्‍यायालय उदारता दिखाते हुए उनके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई नहीं कर रहा है। शीर्ष न्‍यायालय ने कहा कि लावारिस कुत्‍तों को खाना देने वालों को जवाबदेह ठहराने की न्‍यायालय की टिप्‍पणी, व्‍यंग्‍य स्‍वरूप नहीं बल्कि गंभीरता से कही गई थी। 
 
13 जनवरी को शीर्ष न्‍यायालय ने कहा था कि कुत्‍तों के काटने की घटनाओं के लिए राज्‍यों से भारी मुआवजा देने तथा ऐसे मामलों में उन्‍हें खाना देने वालों को जवाबदेह ठहराया जाएगा। न्‍यायालय ने पिछले पांच वर्षों में लावारिस पशुओं से जुडे नियमों को लागू न करने पर भी चिंता जताई।