भारतीय रिजर्व बैंक-आर.बी.आई ने बैंकिंग प्रणाली में तरलता बढ़ाने के लिए कई उपायों की घोषणा की है। एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार आरबीआई 30 जनवरी को 25 हजार करोड़ रुपये की राशि के लिए 90 दिनों का परिवर्तनीय रेपो दर-वी.आर.आर संचालन करेगा। वी.आर.आर एक ऐसा साधन है जिसके माध्यम से बैंक नीलामी के जरिए अल्पकालिक निधि उधार लेते हैं। इसमें पहले से निर्धारित होने के बजाय ब्याज दर बाजार की बोलियों द्वारा निर्धारित की जाती है।
आर.बी.आई ने घोषणा की है कि वह 4 फरवरी को तीन साल की अवधि के लिए दस अरब डॉलर की डॉलर-रुपये की खरीद/बिक्री अदला-बदली नीलामी आयोजित करेगा। इसके जरिए बैंक, आर.बी.आई को रुपये के बदले डॉलर बेच सकते हैं और साथ ही बाद में एक निश्चित अग्रिम दर पर उन डॉलर को वापस खरीदने के लिए सहमत हो सकते हैं।
अंत में ओ.एम.ओ या खुले बाजार परिचालन का संचालन किया जाएगा। इसमें आरबीआई पचास हजार करोड़ रुपये की दो किस्तों में सरकारी प्रतिभूतियों की खरीद करेगा। पहली नीलामी 5 फरवरी को होगी जबकि दूसरी नीलामी 12 फरवरी को निर्धारित है। भारतीय रिजर्व बैंक ने कहा है कि वह तरलता और बाजार की बदलती परिस्थितियों पर नजर रखना जारी रखेगा और सुचारू तरलता सुनिश्चित करने के लिए उचित उपाय करेगा।