जनवरी 22, 2026 2:28 अपराह्न

printer

असम सरकार को प्राप्‍त मोबाइल स्ट्रोक यूनिट से स्ट्रोक के इलाज में क्रांतिकारी आया बदलाव

भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद से असम सरकार को प्राप्‍त मोबाइल स्ट्रोक यूनिट से स्ट्रोक के इलाज में क्रांतिकारी बदलाव आया है। इस पहल से उपचार का समय 24 घंटे से घटकर मात्र दो घंटे रह गया है और स्ट्रोक से होने वाली मौतों में एक तिहाई की कमी आई है। मोबाइल स्ट्रोक यूनिट असम में दूरदराज के इलाकों में मरीजों को त्वरित सहायता और उपचार प्राप्त करने में सक्षम बनाती हैं।

 

यह एक चलता-फिरता अस्पताल है, जो सीटी स्कैनर, विशेषज्ञों के साथ टेलीकंसल्टेशन, छोटी प्रयोगशाला और रक्त के थक्के को तोड़ने वाली दवाओं से सुसज्जित है। मोबाइल स्ट्रोक यूनिट की सहायता से रोगी के घर पर या उसके आस-पास स्ट्रोक का शीघ्र निदान और इलाज संभव हो पाता है।

   

स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग के सचिव और आईसीएमआर के महानिदेशक डॉ. राजीव बहल ने कहा है कि भारत दुनिया का दूसरा ऐसा देश है, जिसने ग्रामीण क्षेत्रों में स्ट्रोक के रोगियों को इस तरह की स्‍वास्‍थ्‍य सुविधाएं प्रदान की हैं।