अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प, चीन के राष्ट्रपति षी जिनफिंग और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रां ने भारत के 77वें गणतंत्र दिवस पर शुभकामनाएं व्यक्त की हैं। श्री ट्रम्प ने भारत और अमरीका को दुनिया की सबसे पुराने और सबसे बड़े लोकतंत्रिक देश बताया और वैश्विक संवाद और सम्पर्क में भारत की बढती भागीदारी की सराहना की। अमरीका के अनेक गवर्नर अपने निवासियों को भारतीयों और भारतीय-अमरीकी समुदायों की उपलब्धियों और दोस्ती के मजबूत बंधनों को पहचानने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं।
अमरीकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी एक आधिकारिक प्रेस वक्तव्य में कहा कि अमरीका और भारत का ऐतिहासिक बंधन है। उन्होंने रक्षा, ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिजों और उभरती प्रौद्योगिकियों जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच घनिष्ठ सहयोग का उल्लेख किया। रूबियो ने कहा कि दोनों देशों के बीच बहुपक्षीय सम्बंध हैं जिनमें क्वाड भी शामिल है। श्री रूबियो ने कहा कि भारत-अमरीका संबंधों ने दोनों देशों और हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए वास्तविक परिणाम दिए हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि दोनों देश आने वाले वर्ष में भी साझा उद्देश्यों को आगे बढ़ाने के लिए मिलकर काम करते रहेंगे।
चीन के राष्ट्रपति षी जिनफिंग ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को एक बधाई संदेश भेजा, जिसमें कहा गया कि पिछले एक साल में, चीन-भारत संबंधों में सुधार हो रहा है जो दोनों देशों और उनके लोगों के मौलिक हितों के अनुरूप है। उन्होंने दोनों देशों के बीच संबंधों को विश्व शांति और समृद्धि को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण बताया। श्री षी ने कहा कि चीन का हमेशा से मानना रहा है कि एक-दूसरे की सफलता का समर्थन करने वाले अच्छे पड़ोसी, मित्र और भागीदार होना ही दोनों देशों के लिए सही विकल्प है।
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रां ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में भारतीय गणतंत्र दिवस पर बधाई दी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ 2024 में 75वें गणतंत्र दिवस समारोह की एक पुरानी सेल्फी साझा की, जब वे मुख्य अतिथि थे।
यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला फॉन डेर लायन ने आज के गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में अपनी उपस्थिति को जीवनभर का सम्मान बताया। उन्होंने कहा कि एक सफल भारत दुनिया को अधिक स्थिर, समृद्ध और सुरक्षित बनाता है, जिससे हम सभी को लाभ होता है।