देश भर में आज बुद्ध पूर्णिमा श्रद्धा के साथ मनाई जा रही है। यह दिन भगवान बुद्ध के जन्म, बोधगया में उनके ज्ञान प्राप्ति और कुशीनगर में महापरिनिर्वाण से जुड़ा है। भगवान बुद्ध का जन्म 563 ईसा पूर्व नेपाल के लुम्बिनी में वैशाख पूर्णिमा के दिन हुआ था। वैशाख पूर्णिमा का दिन पूरे विश्व के बौद्ध धर्मावलम्बियों के लिए विशेष महत्व का दिन है। महात्मा बुद्ध की दो हजार पांच सौ अड़सठवीं जयंती पर बोधगया में आज विशेष पूजा-अर्चना की जा रही है। आज अहले सुबह महात्मा बुद्ध की अस्सी फीट ऊंची मूर्ति से महाबोधि मंदिर तक भव्य शोभा यात्रा निकाली गयी। राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर भी महाबोधि मंदिर में पूजा अर्चना में हिस्सा लेंगे। बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर महाबोधि मंदिर को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। यहां स्थित विभिन्न देशों के बौद्ध विहारों को भी पंचशील ध्वजों और फूलों से सुसज्जित किया गया है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए महाबोधि मंदिर आज रात ग्यारह बजे तक खुला रहेगा। इधर, कालचक्र मैदान में एक हजार से अधिक बौद्ध भिक्षुआंे के बीच चीवर दान और संघ दान की व्यवस्था की गयी है। फल्गु नदी में बढ़ते प्रदूषण के प्रति आम लोगों को जागरूक कने के उद्देश्य से आज शाम एक निजी संस्था द्वारा भास्कर घाट पर फल्गु महा-आरती का आयोजन किया जाएगा। आकाशवाणी समाचार के लिए बोधगया से धर्मवीर भारती। इधर, पटना स्थित बुद्ध स्मृति पार्क में भी इस अवसर पर विशेष समारोह का आयोजन किया जा रहा है। राज्यपाल राजेन्द्र विश्वनाथ आर्लेकर और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने लोगों को बुद्ध पूर्णिमा की शुभकामनाएं दी हैं।
Site Admin | मई 23, 2024 4:18 अपराह्न
देश भर में आज बुद्ध पूर्णिमा श्रद्धा के साथ मनाई जा रही है