जनवरी 25, 2026 8:27 अपराह्न

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आत्मनिर्भरता और स्वदेशी देश के आर्थिक भविष्य को आकार देने वाले मार्गदर्शक सिद्धांत हैं: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु

राष्‍ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा है कि देश के आर्थिक भविष्‍य को आकार देने की यात्रा में आत्‍मनिर्भरता और स्‍वदेशी, मार्गदर्शक सिद्धांत हैं। उन्‍होंने कहा कि हमारे युवा उद्यमी, खिलाड़ी और व्‍यवसायी देश में नई ऊर्जा का संचार कर रहे हैं और विश्‍व स्‍तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं। राष्‍ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 77वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्‍या पर आज राष्‍ट्र को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्‍होंने कहा कि हमारे देश में युवाओं की संख्‍या दुनिया में सबसे अधिक है और उनमें असीम प्रतिभा है। राष्‍ट्रपति ने कहा कि बड़ी संख्‍या में देश की युवा आबादी स्‍वरोजगार के जरिए प्रभावशाली रूप से सफलता का प्रदर्शन कर रही है।

राष्‍ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत, लगातार आर्थिक विकास कर रहा है। उन्‍होंने कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्‍यवस्‍था है। राष्‍ट्रपति ने कहा कि देश निकट भविष्‍य में विश्‍व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्‍यवस्‍था बनने के लक्ष्‍य को हासिल करने की दिशा में बढ़ रहा है। जीएसटी व्‍यवस्‍था को और अधिक प्रभावी बनाने के सरकार के फैसले का उल्‍लेख करते हुए उन्‍होंने कहा कि इससे देश की अर्थव्‍यवस्‍था और मजबूत होगी। राष्‍ट्रपति ने यह भी कहा कि हाल के श्रम सुधारों से कामगारों को लाभ होगा और उद्यमों के विकास में तेजी आएगी।

राष्‍ट्रपति द्रौपदी मुर्म ने राष्‍ट्र प्रथम की भावना के साथ काम करने तथा भारत को और अधिक गौरवशाली बनाने की दिशा में काम करने का आग्रह करते हुए कहा कि गणतंत्र दिवस, राष्‍ट्र भक्ति की भावना को मजबूत करने का अवसर है। उन्‍होंने इस बात का भी उल्‍लेख किया कि भारत का संविधान विश्‍व के इतिहास में सबसे बड़े गणतंत्र का मौलिक दस्‍तावेज है। राष्‍ट्रपति ने कहा कि संविधान में निहित न्‍याय, स्‍वाधीनता, समानता और बंधुत्‍व की भावना देश के गणतंत्र को परिभाषित करती है। उन्‍होंने कहा कि संविधान निर्माताओं ने राष्‍ट्रीयता की भावना और देश की एकता को संवैधानिक प्रावधानों के जरिए सुदृढ़ आधार प्रदान किया है।

राष्‍ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने अपने संबोधन में पिछले वर्ष ऑपरेशन सिंदूर के जरिए किये गए सटीक हमलों से आतंकवादी ढांचे को ध्‍वस्‍त करने की देश की उपलब्धि का भी उल्‍लेख किया। उन्‍होंने कहा कि इस कार्रवाई के दौरान आतंकी ठिकानों को नष्‍ट कर दिया गया और कई आतंकवादियों को ढेर कर दिया गया। राष्‍ट्रपति ने कहा कि भारत ने रक्षा के क्षेत्र में आत्‍मनिर्भरता के कारण ऑपरेशन सिंदूर में सफलता हासिल की। उन्‍होंने कहा कि देशवासियों को सेना, वायुसेना और नौसेना की मजबूती पर आधारित, भारत की रक्षा तैयारियों पर पूरा भरोसा है।

राष्‍ट्रपति ने कहा कि देश में स्‍टार्ट-अप्‍स की सफलता मुख्‍य रूप से भारत के युवा उद्यमियों द्वारा संचालित है। उन्‍होंने कहा कि युवा पीढ़ी की आकांक्षाओं पर ध्‍यान केन्द्रित करने वाले कार्यक्रमों और नीतियों के जरिए देश के विकास को गति मिलेगी। राष्‍ट्रपति ने विश्‍वास व्‍यक्‍त किया कि देश की युवा शक्ति 2047 तक विकसित भारत बनाने में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

राष्‍ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि भारत की महिलाएं देश के समग्र विकास में सक्रिय योगदान दे रही हैं। उन्‍होंने कहा कि स्‍वयं सहायता समूहों से जुड़ी दस करोड़ से अधिक महिलाएं देश के विकास की प्रक्रिया को पुन: परिभाषित कर रही हैं। उन्‍होंने कहा कि महिलाएं कृषि क्षेत्र से अंतरिक्ष क्षेत्र तक और स्‍वरोजगार से लेकर सैन्‍य बलों तक हर क्षेत्र में अपनी छाप छोड़ रही है। राष्‍ट्रपति ने कहा कि खेलों के क्षेत्र में देश की बेटियों ने विश्‍वस्‍तर पर नये कीर्तिमान स्‍थापित किए हैं। उन्‍होंने कहा कि पिछले वर्ष नवम्‍बर में आईसीसी महिला क्रिकेट विश्व कप और दिव्‍यांग महिला टी-ट्वेंटी विश्‍व कप जीतकर भारत की बेटियों ने खेलों के इतिहास में स्‍वर्णिम अध्‍याय जोड़ा है।

    राष्‍ट्रपति ने कहा कि अन्‍नदाता किसान समाज और अर्थव्‍यवस्‍था की रीढ़ है। उन्‍होंने कहा कि मेहनतकश किसानों की पीढि़यों ने देश को खाद्यान के मामले में आत्‍मनिर्भर बनाया है। दशको से गरीबी से जूझ रहे करोडों देशवासियों को गरीबी की रेखा से ऊपर लाया गया है और साथ ही ऐसे प्रयास किये जा रहे हैं कि वे फिर से गरीबी के जाल में न उलझ सकें। अन्त्योदय की संवेदना को कार्यरूप देने वाली विश्‍व की सबसे बड़ी योजना प्रधानमंत्री गरीब कल्‍याण अन्‍न योजना इस सोच पर आधारित है कि 140 करोड से अधिक आबादी वाले हमारे देश में कोई भी भूखा न रहे। इस योजना से लगभग 81 करोड़ लाभार्थियों को सहायता मिल रही है। गरीब परिवारों के लिए बिजली-पानी और शौचालय की सुविधा से युक्‍त चार करोड़ से अधिक पक्‍के मकानों का निर्माण करके उन्‍हें गरिमापूर्ण जीवन जीने तथा आगे बढने का आधार प्रदान किया गया है।

राष्‍ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने नागरिकों से यह भी आग्रह किया कि वे यह सुनिश्चित करने के प्रयास करें कि मातृभूमि के अमूल्‍य संसाधन भावी पीढि़यों के लिए उपलब्‍ध रहें। उन्‍होंने कहा कि प्रकृति से सदभाव की जीवन-शैली भारत की सांस्‍कृतिक परंपरा का हिस्‍सा रही है। राष्‍ट्रपति ने कहा कि मानवता का भविष्‍य तभी सुरक्षित रह सकता है, जब समूचे विश्‍व में शांति हो। विश्‍व के कई भागों में संघर्ष की स्थिति पर राष्‍ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि भारत, विश्‍व शांति का संदेश फैला रहा है।

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