मई 8, 2026 11:37 पूर्वाह्न

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भारत और फ्रांस ने विज्ञान, प्रौद्योगिकी और अंतरिक्ष क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग के बढ़ते दायरे की समीक्षा की

भारत और फ्रांस ने विज्ञान, प्रौद्योगिकी और अंतरिक्ष क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग के बढ़ते दायरे की समीक्षा की है। केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने फ्रांस के उच्च शिक्षा, अनुसंधान और अंतरिक्ष मंत्री प्रोफेसर फिलिप बैपटिस्ट के साथ वर्चुअल माध्यम से द्विपक्षीय बैठक की। डॉ. सिंह ने कहा कि विज्ञान और अंतरिक्ष के क्षेत्र में भारत-फ्रांस की भागीदारी द्विपक्षीय संबंधों का मजबूत स्तंभ है। उन्‍होंने कहा कि इस साझेदारी से तकनी‍की विकास के साथ-साथ लोगों के  बीच संबंध भी घनिष्ठ हुए हैं।

डॉ. सिंह ने कहा कि 2026 को भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष घोषित किया गया है, जो उभरते क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ाने का बड़ा अवसर देगा। अंतरिक्ष सहयोग के बारे में डॉ. सिंह ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन-इसरो और फ्रांस की राष्ट्रीय अंतरिक्ष अध्ययन केंद्र के बीच संयुक्त उपग्रह मिशनों सहित लंबे समय से चले आ रहे सहयोग का उल्लेख किया।

डॉ. सिंह ने फ्रांस में भारतीय नक्षत्र के साथ नेविगेशन-नेविक ग्राउंड स्टेशन के विकास में सहयोग का जिक्र किया और भारत के गगनयान मिशन में फ्रांस के समर्थन को स्वीकार किया। डॉ. सिंह ने भारत के डीप ओशन मिशन और इसकी विस्तृत तटरेखा को महासागर से संबंधित साझेदारियों को आगे बढ़ाने में मुख्य शक्ति भी बताया।

फ्रांसीसी मंत्री ने भारत को अंतरिक्ष और अनुसंधान सहयोग में एक प्रमुख और विश्वसनीय भागीदार बताया। उन्होंने भारत को इस वर्ष सितंबर में पेरिस में आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष शिखर सम्मेलन में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए भी आमंत्रित किया और अंतरिक्ष संबंधी चर्चाओं के लिए एक समन्वित वैश्विक मंच बनाने के उद्देश्य से भारत के बेंगलुरु अंतरिक्ष सम्मेलन के साथ समन्वय का सुझाव दिया।

अंतरिक्ष विभाग ने कहा कि यह वार्ता भारत-फ्रांस की दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदारी की गहराई को दर्शाती है, जिसमें दोनों पक्षों ने विशेष रूप से उच्च-प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में सहयोग की निरंतर गति पर संतोष व्यक्त किया। दोनों पक्षों ने दीर्घकालिक वैज्ञानिक सहयोग बनाए रखने और विभिन्न संस्थानों में अनुसंधान साझेदारी को बढ़ावा देने में भारत-फ्रांस उन्नत अनुसंधान संवर्धन केंद्र की महत्वपूर्ण भूमिका को भी स्वीकार किया। अंतरिक्ष विभाग ने कहा कि यह वार्ता भारत-फ्रांस की दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदारी प्रगाढ़ता दर्शाती है।

   

 

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