मार्च 12, 2026 2:42 अपराह्न

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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कृषि क्षेत्र में नीति निर्माण और निर्णय लेने में महिलाओं की अधिक भूमिका पर जोर दिया

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा है कि कृषि, विशेषकर कृषि-खाद्य प्रणालियों में कार्यरत महिलाओं के नेतृत्व को प्रोत्साहित करना महत्वपूर्ण है। राष्ट्रपति ने आज नई दिल्ली में कृषि-खाद्य प्रणाली 2026 में महिलाओं की भूमिका पर वैश्विक सम्मेलन का उद्घाटन किया। इस अवसर पर राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि भारत ने महिला नेतृत्व वाली विकास रणनीति अपनाई है। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में महिलाओं को नीति निर्माण, निर्णय लेने और नेतृत्व पदों में भूमिका मिलनी चाहिए। राष्ट्रपति ने कहा कि इस क्षेत्र में सभी स्तरों पर महिलाओं की अधिक भागीदारी से लैंगिक समानता को ध्यान में रखते हुए कृषि विकास को बढ़ावा मिलेगा।

राष्ट्रपति मुर्मु ने विश्वास व्यक्त किया कि इस वैश्विक सम्मेलन के प्रतिभागी प्रगति को गति देने और नई ऊंचाइयों को प्राप्त करने के मार्ग खोजेंगे। राष्ट्रपति मुर्मु ने सभी हितधारकों से आग्रह किया कि लोगों के लैंगिक आयाम को विचारों और कार्यों में विशेष प्राथमिकता दी जानी चाहिए। राष्ट्रपति ने कहा कि कृषि सहित हर क्षेत्र में लैंगिक समानता को प्रभावी ढंग से शामिल करने से पृथ्‍वी कहीं अधिक संवेदनशील और सामंजस्यपूर्ण स्थान बन जाएगी।

इस अवसर पर कृषि और किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि देश में कृषि में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है और वे इसमें योगदान देती हैं। उन्होंने बताया कि आई.सी.ए.आर. की रणनीति के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए जल्द ही एक लैंगिक मंच का शुभारंभ किया जाएगा। उन्‍होंने  कहा कि यह मंच पूरे देश में कृषि अनुसंधान नेटवर्क में महिला केंद्रित अनुसंधान कार्यों को गति और दिशा प्रदान करेगा।

तीन दिवसीय सम्मेलन गहन तकनीकी सत्रों की एक श्रृंखला पर आधारित है। इसमें कई विशेष मंच भी आयोजित किए जाएंगे, जिनमें जमीनी स्तर की चुनौतियों का समाधान करने के लिए महिला किसान मंच और कृषि-खाद्य क्षेत्र के भावी नेताओं को जोड़ने और उनके साथ संबंध स्थापित करने के लिए युवा मंच शामिल हैं।