संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा है कि संसद का मानसून सत्र देश और सरकार के लिए बेहद फलदायी रहा। सत्र समाप्त होने के बाद संसद भवन में संवाददाताओं से बातचीत में उन्होंने साथ ही यह भी कहा कि कई नए सांसदों को संसद में बोलने नहीं दिया गया और इसके लिए विपक्ष स्वयं ज़िम्मेदार है। श्री रिजिजू ने विपक्ष की आलोचना करते हुए कहा कि उन्होंने सदन में काफी व्यवधान डाला और चर्चा के लिए निर्धारित समय में भाग नहीं लिया। उन्होंने इस बात पर नाराज़गी व्यक्त की कि विपक्ष ने सदस्यों को अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन जाने वाले पहले भारतीय ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को बधाई देने का मौका नहीं दिया। उन्होंने कहा कि विरोध या असहमति व्यक्त करना अपने विचार व्यक्त करने का एक लोकतांत्रिक तरीका है, लेकिन संसद में सरकार के काम में बाधा डालना और उसे रोकना अलोकतांत्रिक है।
मानसून सत्र के दौरान लोकसभा का कामकाज 31 प्रतिशत और राज्यसभा की 39 प्रतिशत रहा। सत्र के दौरान लोकसभा में 14 विधेयक पेश किए गए। लोकसभा में 12 विधेयक और राज्यसभा में 15 विधेयक पारित हुए। संसद में कुल 15 विधेयक पारित हुए।