प्रदेश के असंगठित क्षेत्रों, निर्माण स्थलां, घरेलू नौकर के रूप में कार्यरत गर्भवतियों और शहरी मलिन बस्तियों में रहने वाली गर्भवती महिलाओं का प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में पंजीकरण किया जाएगा। मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने महिला एवं बाल विकास विभाग को इसके लिए चार अक्टूबर से पन्द्रह दिन का अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। सचिवालय में संबंधित अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक में श्रीमती रतूड़ी ने ए०एन०एम द्वारा सभी गर्भवती महिलाओं के तीन एब्सल्यूट न्यट्रोफिल कांउट-एएनसी अनिवार्य रुप से करने को कहा। उन्होंने गर्भवती महिलाओं की प्रसव के दौरान होने वाली मृत्यु का अनिवार्य रूप से डेथ ऑडिट करने के निर्देश भी दिए। मुख्य सचिव ने राज्य में मातृ मृत्यु दर, गर्भवती महिलाओं और किशोरियों में एनिमिया तथा बच्चों में कुपोषण की समस्या को कम करने के लिए सभी विभागों को समन्वित रणनीति से काम करने की सलाह भी दी।