मॉरीशस अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (आईएसए) के साथ देश भागीदारी रूपरेखा-सीपीएफ पर हस्ताक्षर करने वाला पहला अफ्रीकी देश बन गया है। वह बांग्लादेश, भूटान और क्यूबा के बाद सीपीएफ पर हस्ताक्षर करने वाला वैश्विक रूप से चौथा देश भी है। इस साझेदारी का उद्देश्य सौर ऊर्जा पर देश की राष्ट्रीय प्राथमिकताओं को स्पष्ट करते हुए आईएसए और मॉरीशस के बीच सहयोग पर एक दृष्टिकोण प्रदान करना है।
सीपीएफ आईएसए द्वारा अपने सदस्य देशों के साथ दीर्घकालिक और मध्यम अवधि के सहयोग को सुविधाजनक बनाने के लिए विकसित एक रणनीतिक पहल है। एक बयान में आईएसए ने कहा कि यह समझौता सौर ऊर्जा परियोजनाओं के माध्यम से स्वच्छ ऊर्जा वितरण को गति प्रदान करेगा।
आईएसए के महानिदेशक आशीष खन्ना ने कहा कि यह साझेदारी एक विस्तृत देश भागीदारी रणनीति-सीपीएस के विकास की ओर ले जाएगी जो विशेष रूप से मॉरीशस की जरूरतों और अवसरों के अनुरूप होगी। उन्होंने कहा कि सचल सौर ऊर्जा, छत पर लगाने वाले सौर ऊर्जा पैनल और सौर ऊर्जा चालित पानी निकालने वाली पंप जैसी सौर प्रौद्योगिकी बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
भारत और फ्रांस द्वारा वर्ष 2015 में शुरू अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन एक अंतर-सरकारी संगठन है जिसका उद्देश्य ऊर्जा उपयोग और जलवायु परिवर्तन के लिए एक स्थायी समाधान के रूप में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देना है। इसका लक्ष्य 2030 तक सौर निवेश में एक खरब अमरीकी डॉलर जुटाना है।