मुख्य समाचार:-
- राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की।
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा- डॉ. सिंह को एक ईमानदार व्यक्ति, महान अर्थशास्त्री और सुधारों के लिए समर्पित नेता के रूप में याद किया जाएगा।
- विश्व भर के नेताओं ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को कुशल और दूरदर्शी राजनेता बताते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।
- मौसम विभाग ने आज उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में आंधी-तूफान और ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट जारी किया।
- और महिला क्रिकेट में भारत तथा वेस्टइंडीज के बीच आई सी सी चैंपियनशिप श्रृंखला का तीसरा और अंतिम एकदिवसीय मैच वडोदरा में जारी।
*************************
भारत के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह का कल नई दिल्ली में 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वे लंबे समय से उम्र संबंधी बीमारियों से जूझ रहे थे।
डॉ. मनमोहन सिंह 2004 से 2014 तक भारत के 13वें प्रधानमंत्री रहे। उनके परिवार में पत्नी गुरशरण कौर और तीन बेटियां हैं। डॉ. सिंह का जन्म 26 सितंबर 1932 को अविभाजित भारत के पंजाब प्रांत के एक गांव में हुआ था। डॉ. सिंह प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव के मंत्रिमंडल में वित्त मंत्री भी थे।
पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह देश में आर्थिक सुधारों के पुरोधा रहे। उन्होंने 1991 में वित्त मंत्री का पदभार संभाला तो आर्थिक क्रांति ला दी। देश में रोजगार गारंटी योजना की सफलता का श्रेय भी मनमोहन सिंह को जाता है। उन्होंने साल में सौ दिन का रोजगार और न्यूनतम दैनिक मजदूरी सौ रूपये तय की। भारत विशिष्ट पहचान प्राधिकरण का गठन भी 2009 में उनके समय में ही किया गया। मनमोहन सिंह के कार्यकाल में अमरीका को झुकना पडा और भारत की न्यूक्लियर डील को अंतिम रूप दिया गया। इसके बाद भारत हथियारों में मामलों में शक्तिशाली देश बनकर उभरा। वे कांग्रेस नेतृत्व वाली यू.पी.ए. सरकार में 2004 से 2014 तक दो बार प्रधानमंत्री रहे। वे भारत के तेरहवें प्रधानमंत्री थे। वे राज्यसभा के 33 साल तक सदस्य रहने के बाद इस साल अप्रैल में संसद के उच्च सदन से सेवानिवृत्त हुए थे। आज कई समाचार पत्रों ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के संसद में भाषण का अंश प्रकाशित किया है – हजारों जवाबों से अच्छी है मेरी खामोशी, न जाने कितने सवालों की आबरू रखी। समाचार कक्ष से फरहत नाज।
डॉ. मनमोहन सिंह का जीवन जन सेवा और समाज के उत्थान के लिए समर्पित था। समाचार कक्ष की श्रद्धांजलि –
डॉ. मनमोहन सिंह ने शुरुआती करियर में पंजाब विश्वविद्यालय और दिल्ली स्कूल आफ इकोनॉमिक्स में पढ़ाया। डॉक्टर सिंह 1971 में भारत सरकार के वाणिज्य मंत्रालय में आर्थिक सलाहकार के रूप में शामिल हुए। उन्होंने वित्त मंत्रालय में मुख्य आर्थिक सलाहकार और सचिव, योजना आयोग के उपाध्यक्ष, भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर, प्रधानमंत्री के सलाहकार और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के अध्यक्ष के रूप में भी कार्य किया। केंद्रीय वित्त मंत्री के रूप में आर्थिक सुधारो में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका के साथ डॉ मनमोहन सिंह ने देश के आर्थिक परिदृश्य को एक नया आयाम दिया। मनरेगा जैसी योजनाओं और आरटीआई और एनएफसी जैसे कानूनों के माध्यम से उन्होंने नागरिकों को खाद्य सुरक्षा का कानूनी अधिकार, शिक्षा का अधिकार, काम का अधिकार और सूचना का अधिकार सुनिश्चित किया। भारत में आर्थिक सुधारों के शिल्पकार से लेकर विनम्रता और बुद्धिमत्ता के प्रति डॉ मनमोहन सिंह ने देश के राजनीतिक इतिहास पर एक अमिट छाप छोड़ी। उनका तीन दशक से अधिक का संसदीय सफल रहा। उन्होंने राज्यसभा में सदन के नेता और विपक्ष के नेता के रूप में कार्य किया। डॉक्टर सिंह को 1987 में भारत के दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था। उन्हें न केवल उनकी मित्रता पूर्ण प्रतिभा के लिए बल्कि भारत की आर्थिक और राजनीतिक परिदृश्य में उनके परिवर्तनकारी योगदान के लिए भी हमेशा याद किया जाएगा। उनकी विरासत आने वाली पीढियों को प्रेरित करेगी। अनुपम मिश्र, आकाशवाणी समाचार, दिल्ली।
*************************
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज नई दिल्ली में पूर्व प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह को उनके आवास पर श्रद्धांजलि दी।
राष्ट्रपति ने अपने संदेश में कहा कि डॉ. सिंह उन असाधारण राजनेताओं में से एक थे, जिन्होंने शिक्षा और प्रशासन की दुनिया में समान रूप से सहजता से काम किया।
उपराष्ट्रपति ने अपने संदेश में पूर्व प्रधानमंत्री को एक प्रतिष्ठित अर्थशास्त्री बताया, जिन्होंने भारत के आर्थिक परिदृश्य को बदल दिया।
एक वीडियो संदेश में श्री मोदी ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह के निधन पर पूरा राष्ट्र शोक में है। उन्होंने कहा कि उनका जीवन भावी पीढी के लिए एक मिसाल है कि लोग किस तरह संघर्ष से उबरते हुये उपलब्धियों की ऊंचाई पर पहुंच सकते हैं।
पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह जी के निधन ने हम सभी के ह्रदय को गहरी पीड़ा पहुंचायी है। उनका जाना एक राष्ट्र के रूप में भी हमारे लिए बहुत बड़ी क्षति है। एक नेक इंसान के रूप में, एक विद्वान अर्थशास्त्री के रूप में और रिफाउड्स के प्रति समर्पित लीडर के रूप में उन्हें हमेशा याद किया जाएगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पी वी नरसिम्हराव मंत्रिमण्डल में रहते हुए डॉ. सिंह ने देश की आर्थिक स्थिति को नई दिशा प्रदान की। यह वो समय था जब देश आर्थिक संकट से गुजर रहा था। उन्होंने कहा कि डॉ. मनमोहन सिंह सामान्य पृष्ठ भूमि के मूल्यों को कभी नहीं भूले।
दुनिया के प्रतिष्ठित संस्थानों की शिक्षा लेने और सरकार के अनेक शीर्ष पदों पर रहने के बाद भी वो अपनी सामान्य पृष्ठभूमि के मूल्यों को कभी भी नहीं भूले। दलगत राजनीति से ऊपर उठकर उन्होंने हमेशा हर दल के व्यक्ति से संपर्क रखा, सबके लिए सहज उपलब्ध रहे, आज इस कठिन घड़ी में मैं उनके परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं।
केंद्रीय मंत्री अमित शाह, जे पी नडडा, राजनाथ सिंह, ज्योतिरादित्य सिंधिया और कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी पूर्व प्रधानमंत्री के निवास पर जाकर उन्हें पुष्पाजंलि दी।
श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द ने कहा कि डॉक्टर मनमोहन सिंह विनम्रता का उदाहरण और भारतीय अर्थ व्यवस्था के वास्तुकार थे।
डॉ मनमोहन सिंह जी का हमारे बीच से चला जाना न केवल देश के लिए एक महान क्षति है बल्कि मेरे लिए व्यक्तिगत भी है। वे सोम्यता और विनम्रता के प्रतीक थे। भारतीय राजनीति के पुरोधा थे और मैं समझता हूं कि इंडियन इकॉनमी के एक आधुनिक निर्माता थे।
केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि डॉक्टर मनमोहन सिंह के निधन से आर्थिक सुधारों के एक युग का अंत हो गया है।
उनके आर्थिक सुधारों ने देश के विकास को नई दिशा और गति दी थी। सहज, सरल, सौम्य, शिष्ट मनमोहन जी को मेरा प्रणाम।
जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष फारूख अब्दुल्ला ने कहा है कि डॉक्टर मनमोहन सिंह सुलझे हुए अर्थशास्त्री थे जिन्होंने अर्थव्यवस्था को उदार बनाया। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के पोलित ब्यूरो ने भी डॉक्टर मनमोहन सिंह के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के तौर पर वे अपने दस वर्ष के कार्यकाल के दौरान धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक मूल्यों का निर्वाह करते रहे जो राष्ट्रहित में था।
एनसीपी- शरद पवार गुट के अध्यक्ष शरद पवार ने कहा है कि डॉक्टर मनमोहन सिंह अपनी ईमानदारी और सत्यनिष्ठा के लिए जाने जाते थे और कुशल प्रशासक थे।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने भी डॉक्टर मनमोहन सिंह के साथ अपने मधुर संबंधों को याद किया।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने भी पूर्व प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह के निधन पर अपनी संवेदना प्रकट की है।
कांग्रेस सूत्रों के अनुसार पूर्व प्रधानमंत्री का पार्थिव शरीर कल राष्ट्रीय राजधानी में कांग्रेस मुख्यालय पर लाया जाएगा, जहां लोग उन्हें श्रद्धांजलि दे पाएंगे। उनका अंतिम संस्कार भी कल किया जाएगा।
*************************
पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की अंतिम यात्रा कल सवेरे साढे नौ बजे नई दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय से शमशान घाट तक जाएगी। कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने बताया कि पूर्व प्रधानमंत्री के पार्थिव शरीर को आज राष्ट्रीय राजधानी स्थित उनके आवास पर जनता के अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा। उन्होंने बताया कि कल सुबह उनके पार्थिव शरीर को कांग्रेस कार्यालय ले जाया जाएगा, जहां जनता तथा पार्टी कार्यकर्ताओं को उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने का अवसर मिलेगा।
*************************
बिहार, तेलंगाना, नागालैण्ड, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्रियों सहित कई अन्य गणमान्य लोगों ने भी डॉ. सिंह के निधन पर शोक व्यक्त किया है। ।
*************************
पड़ोसी देशों सहित विश्व के नेताओं ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को कुशल और दूरदर्शी राजनेता बताते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने आर्थिक प्रगति और कूटनीति में उनके असाधारण योगदान को याद किया।
अमरीका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने अपने देश की ओर से भारत के लोगों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की है। एक आधिकारिक बयान में श्री ब्लिंकन ने कहा कि डॉ. सिंह के काम ने पिछले दो दशकों में भारत और अमरीका ने जो कुछ भी हासिल किया है, उसकी नींव रखी। ब्राजील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा ने भारत, ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका-आई.बी.एस.ए. वार्ता मंच और ब्रिक्स समूह की स्थापना में मनमोहन सिंह के योगदान को याद किया। पूर्व अफगान राष्ट्रपति हामिद करजई ने सोशल मीडिया पर कहा कि भारत ने अपने सबसे शानदार सुपुत्रों में से एक को खो दिया है। मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद ने भी सोशल मीडिया पर अपना दुख व्यक्त किया तथा डॉ. सिंह को एक दयालु पिता और मालदीव का प्रिय मित्र बताया। भारत में रूस के राजदूत डेनिस अलीपोव ने भारत-रूस संबंधों में पूर्व प्रधानमंत्री के महत्वपूर्ण योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि भारत-रूस द्विपक्षीय संबंधों में डॉ. मनमोहन सिंह का योगदान अतुलनीय है। नेपाल की विदेश मंत्री डॉ. आरजू राणा देउबा ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि डॉ. मनमोहन सिंह एक दूरदर्शी नेता और सच्चे राजनेता थे। मालदीवियन डेमोक्रेटिक पार्टी के अध्यक्ष अब्दुल्ला शाहिद ने भी पूर्व प्रधानमंत्री के निधन पर शोक व्यक्त किया। भारत में फिनलैंड, कोरिया, नॉर्वे के राजदूतों ने भी सोशल मीडिया पर संदेशों के जरिए डॉ. मनमोहन सिंह के निधन पर शोक व्यक्त किया है। समाचार कक्ष से आकर्षिता सिंह।
*************************
केन्द्रीय मंत्रिमण्डल ने आज पूर्व प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा है कि राष्ट्र ने एक जाने माने राजनीतिज्ञ, अर्थशास्त्री और प्रसिद्ध नेता को खो दिया है। बैठक में उनके निधन पर शोक प्रस्ताव पारित किया गया औा दो मिनट का मौन रखकर पूर्व प्रधानमंत्री को श्रद्धांजलि दी गई। कल सरकारी कार्यालयों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में आधे दिन का अवकाश रहेगा।
*************************
पंजाब में, पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के कॉलेज में भी उन्हें याद किया जा रहा है। डॉ. मनमोहन सिंह ने हिंदू कॉलेज से शिक्षा पाई थी। कॉलेज के प्रिंसिपल श्री संजय खन्ना ने कहा कि कल एक प्रार्थना सभा आयोजित की जाएगी, जिसमें सभी पूर्व छात्र उन्हें श्रद्धांजलि देंगे। श्री खन्ना ने कहा कि डॉ. मनमोहन सिंह ने 1951 से 1953 तक यहां पढ़ाई की और अर्थशास्त्र उनका पसंदीदा विषय था।
प्रसिद्ध कृषि अर्थशास्त्री और कृषि लागत तथा मूल्य आयोग के अध्यक्ष श्री सरदारा सिंह जोहल ने डॉ. मनमोहन सिंह को बेहतरीन व्यक्ति बताया, जिसे राष्ट्र ने खो दिया है।
*************************
सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के निधन पर सात दिन का राजकीय शोक घोषित किया है। इस दौरान पूरे देश में राष्ट्र ध्वज आधे झुके रहेंगे और कोई भी सरकारी कार्यक्रम आयोजित नहीं होगा। उनका अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा। विदेशों में स्थित सभी भारतीय मिशनों और दूतावासों में भी अंतिम संस्कार के दिन राष्ट्र ध्वज आधे झुके रहेंगे।
*************************
मौसम विभाग ने आज उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में आंधी-तूफान के साथ ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। आकाशवाणी समाचार से विशेष बातचीत में मौसम विभाग की वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. सोमा सेन रॉय ने कहा कि हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पूर्वी राजस्थान और पश्चिमी मध्य प्रदेश में भारी बारिश और ओलावृष्टि की संभावना है।
*************************
भारत और वेस्टइंडीज की महिला क्रिकेट टीमों के बीच आईसीसी चैंपियनशिप श्रृंखला का तीसरा और अंतिम एकदिवसीय क्रिकेट मैच वडोदरा में खेला जा रहा है। भारत ने 163 रन के लक्ष्य में ताज़ा समाचार मिलने तक 22वें ओवर में चार विकेट के नुकसान पर 118 रन बना लिए हैं।
*************************
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच मेलबर्न में खेले जा रहे बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के चौथे क्रिकेट टेस्ट मैच के दूसरे दिन का खेल खत्म होने तक भारत ने अपनी पहली पारी में पांच विकेट के नुकसान पर 164 रन बनाए हैं। भारतीय टीम पहली पारी के आधार पर अभी 310 रन से पीछे है। ऑस्ट्रेलिया की टीम ने अपनी पहली पारी में 474 रन बनाए थे।
भारतीय टीम आज पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए बांह पर काली पट्टी बांध कर मैदान पर उतरी।
*************************
मुख्य समाचार एक बार फिर :-
- राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की।
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा- डॉ. सिंह को एक ईमानदार व्यक्ति, महान अर्थशास्त्री और सुधारों के लिए समर्पित नेता के रूप में याद किया जाएगा।
- विश्व भर के नेताओं ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को कुशल और दूरदर्शी राजनेता बताते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।
- मौसम विभाग ने आज उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में आंधी-तूफान और ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट जारी किया।
- और महिला क्रिकेट में भारत तथा वेस्टइंडीज के बीच आई सी सी चैंपियनशिप श्रृंखला का तीसरा और अंतिम एकदिवसीय मैच वडोदरा में जारी।
*************************